वैश्वीकरण राष्ट्र प्रेम एवं स्वदेश की भावना को आघात पहुँचा रहा है। लोग विदेशी वस्तुओं का उपभोग करना शान समझते है एवं देशी वस्तुओं को घटिया एवं तिरस्कार योग समझते हैं। Should you be experiencing a struggling phase in everyday life, these efficiently conclude your miseries. You attain ample psychological https://fredericq961ung9.worldblogged.com/profile